शहर के चंडीगढ़ रोड स्थित चौधरी सॉल्वेक्स प्लांट में हर वर्ष हजारों क्विंटल धान से निकलने वाली पराली की खरीद की जा रही है ताकि किसान पराली को आग न लगाए। उक्त प्लांट में पराली को बॉयलर में जलाकर प्रबंधन किया जा रहा है। शहर के चंडीगढ़ रोड स्थित चौधरी सॉल्वेक्स प्लांट में चावल से तेल निकालने के लिए पिछले पांच साल से पराली की खरीद की जा रही है जिसे बॉयलर के प्रयोग में लाया जा रहा है। बता दें कि प्लांट में पिछले पांच साल में दो लाख क्विंटल पराली की खरीद की जा चुकी है। हर साल बढ़ रही है पराली की खपत चौधरी सॉल्वेक्स प्लांट के प्रबंधक प्रवीण चौधरी ने बताया कि वे करीबन 5 साल से पराली की खरीद रहे हैं जिसका प्रयोग बॉयलर में किया जा रहा है। पहले साल 5 हजार क्विंटल, दूसरे साल 25 हजार क्विंटल, पिछले साल 40 हजार क्विंटल पराली की खरीद की थी जिसे अब 50 हजार क्विंटल तक करने का लक्ष्य रखा हुआ है। पराली जलाने के अलग से मशीनें लगाई गई है जिसकी लागत करीबन 30 लाख रुपये है, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सरकार को सब्सिडी देकर इंडस्ट्री की आर्थिक मदद करनी चाहिए ताकि अन्य प्लांट धारक भी पराली खरीद सकें। उन्होंने बताया कि उनकी चिमनी करीब 110 फुट पर लगी हुई है तथा पराली की राख को लोग अपनी जमीन में भरत के लिए ले जाते हैं।