फतेहाबाद। शहर थाना में दर्ज नशा तस्करी के एक मामले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गांव बीघड़ निवासी सुरजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके भतीजे पवन कुमार को साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार पवन कुमार के खिलाफ 4 अगस्त 2026 को शहर थाना फतेहाबाद में एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई । सुरजीत सिंह का आरोप है कि पवन कुमार न तो नशा बेचने का काम करता है और न ही किसी प्रकार का नशा करता है। शिकायत में कहा गया है कि 3 अगस्त की शाम पवन कुमार के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कुरियर से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए उसे लाल बत्ती चौक स्थित एक स्थान पर बुलाया। आरोप है कि वहां पहुंचने पर एक व्यक्ति ने पवन कुमार के हाथ में एक पैकेट थमा दिया, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वहीं, पैकेट देने वाला व्यक्ति मौके से निकल गया। सुरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पवन कुमार को परिवार से संपर्क नहीं करने दिया और उसे अपने साथ ले गई। परिवार ने जब उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन तक नहीं उठाने दिया गया। इसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि रात करीब ढाई बजे शहर थाना से फोन कर उन्हें बताया गया कि पवन कुमार को नशीली गोलियां बेचने के आरोप में पकड़ा गया है। हालांकि उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भतीजा ऐसे किसी कार्य में शामिल नहीं है और उनके पास कुछ वीडियो भी हैं, जिन्हें जांच में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। - पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार का कहना है कि जो भी आरोप है वह निराधार है। मामले को लेकर आरोपी परिजन एसपी से मिले है और निष्पक्ष जांच होगी।