बदलती खानपान की आदतें बच्चों के दांतों पर भारी पड़ रही हैं। फास्टफूड, चिप्स और मीठे पेय पदार्थों के बढ़ते सेवन के कारण कम उम्र में ही बच्चों के दांतों में कीड़ा लगने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ ओपीडी में रोजाना 10 से 12 बच्चे दांत दर्द, सड़न और मसूड़ों की समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे जंक फूड खाने के बाद ठीक से ब्रश नहीं करते, जिससे दांतों में प्लाक जम जाता है। यही प्लाक धीरे-धीरे बैक्टीरिया में बदलकर दांतों को नुकसान पहुंचाता है। खासतौर पर रात को बिना ब्रश किए सोने की आदत दांतों के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रही है। ये आती है दिक्कतों दंत विशेषज्ञों के अनुसार दांतों में कीड़ा लगना (कैविटी) दांतों में तेज दर्द और संवेदनशीलता मसूड़ों से खून आना मुंह से बदबू आना दांतों का समय से पहले टूटना या सड़ना खाना चबाने में परेशानी दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.रश्मि का कहना है कि अभिभावकों को सतर्क रहना जरूरी है। बच्चों को दिन में कम से कम दो बार ब्रश कराना चाहिए, खासकर रात को सोने से पहले ब्रश करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए और समय-समय पर दांतों की जांच करानी चाहिए। यदि बच्चे के दांत में हल्की सी भी समस्या दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।