बाढ़डा क्षेत्र के गांव लाड के पास सोमवार सुबह करीब 7 बजे बडेसरा-झूपा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टूट गई। नहर टूटते ही पानी खेतों में फैल गया और कुछ ही देर में दर्जनों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। किसानों ने बताया कि इस नहर से बडेसरा और झूपा गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। नहर टूटने से रामकुमार शर्मा, मनीराम, सुरेश, प्रदीप और रोहताश सहित कई किसानों की करीब 20 से 25 एकड़ में खड़ी सरसों की फसलें डूब गईं। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने सुबह ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने कार्रवाई की होती, तो फसलों को इतना नुकसान नहीं होता। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि नहर की लंबे समय से सफाई नहीं की गई थी, जिससे मिट्टी और झाड़ियां जमा हो गईं। इसी कारण पानी का दबाव बढ़ा और नहर का किनारा टूट गया। किसानों ने प्रशासन से तुरंत नहर की मरम्मत कराने और फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।