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VIDEO : दादरी में प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों ने बोली अंग्रेजी व हिंदी, निरीक्षण टीम ने थपथपाई पीठ

चरखी-दादरी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय व बाल वाटिकाओं में शुक्रवार को एफएलएन मेगा मॉनिटरिंग की गई। इसमें 209 स्कूलों में जिले की 220 टीमें निरीक्षण करने पहुंच और एक टीम चंडीगढ़ से निरीक्षण के लिए आई। बता दें कि निरीक्षण सुबह 9:30 बजे शुरू किया गया। इसमें सभी टीमें अपने निर्धारित स्कूल में पहुंची और प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी होने तक सभी गतिविधियों की जांच की गई। इसमें डीईओ कृष्णा फोगाट का मार्गदर्शन रहा और उन्होंने भी स्कूलों का निरीक्षण किया। एफएलएन जिला समन्वयक संदीप कुमार व उल्लास जिला को-ऑर्डिनेटर हरपाल आर्य ने भी प्राथमिक स्कूलों में निरीक्षण कर पैमानों की जांच की। जांच के दौरान प्रथम दो कक्षाओं के विद्यार्थियों से अक्षर व संख्या आदि पूछे गए जबकि चौथी व पांचवी कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी व अंग्रेजी पढ़वाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। शिक्षकों की डायरी व संदर्शिका भी उचित मिली और इसमें पूर्ण जानकारी भरी पाई गई। साथ ही कॉपी जांच में भी विद्यार्थियों ने गृह व अभ्यास कार्य पूरा किया पाया गया। जिला की निरीक्षण टीमों ने इस प्रदर्शन सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना की। हरपाल आर्य ने बताया कि निरीक्षण विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से किया जा रहा है और यह प्रथम चरण का निरीक्षण इसके बाद दो निरीक्षण और किए जाएंगे। इसका मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को जांचना, स्कूलों में सुविधाएं व इंफ्रास्ट्रक्चर का डाटा एकत्र करना है। इसके माध्यम से पूरी जानकारी निदेशालय के पास भेजी जाएंगी और इस दौरान स्कूलों में पाई जाने वाली कमियों को दूर के लिए शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को उचित सुविधाएं प्रदान कर उनके शैक्षणिक स्तर को सुधारा जाएगा। टीम ने स्कूलों में शिक्षक संदर्शिकाएं जांच की तो इसमें विद्यार्थियों का ब्योरा दुरुस्त मिला। निरीक्षण के दौरान तीन स्कूलों की संदर्शिकाएं देखी गई तो इसमें विद्यार्थियों के पूछे गए सवाल, कितनों के संदेह दूर हुए, कॉपी में अव्वल रहे। उनके दैनिक प्रदर्शन के आधार पर नंबर दिए गए, जिसमें विद्यार्थियों ने 7 से 10 तक नंबर हासिल किए हुए थे। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर, उनकी कार्य पुस्तिका, बाल वाटिका में कक्ष सजावट यानी टीएलएम, शिक्षक डायरी, शिक्षक संदर्शिका, मिड-डे मील, शौचालय व पानी की व्यवस्था आदि पैमानों पर सभी स्कूल खरे उतरे जबकि खेल मैदान व भवन में कुछ स्कूलों में कमी पाई गई। ये पूरी जानकारी टीमों ने गूगल फॉर्म पर भरी और निदेशालय के पास भेजी है। मैंने जिले के दो स्कूलों का निरीक्षण किया है। इसमें समसपुर कन्या स्कूल में शैक्षणिक व इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की आवश्यकता है जबकि ब्वायज स्कूल में सभी सुविधाएं दुरुस्त मिलीं। इनके अलावा टीमों से भी जानकारी ली गई, उनसे भी अच्छा जवाब मिला है। -कृष्णा फोगाट, डीईओ, शिक्षा विभाग।

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