बदलते मौसम में लोग धड़ाधड़ बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं जबकि दूसरी ओर दादरी स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है। इस समय बच्चों का उपचार करने के लिए जिले के नागरिक अस्पताल में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। वहीं, चर्म रोग और ईएनटी का पद भी खाली पड़ा है जिसके चलते मरीज भिवानी और रोहतक पीजीआई रेफर किए जा रहे हैं। बता दें कि दादरी जिले में विशेषज्ञों की कमी काफी समय से बनी है। दूसरी ओर विभाग व शासन अब तक इस कमी को दूर नहीं कर पाया है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है जबकि नागरिक अस्पताल की सेवाएं भी जिला अस्पताल की तर्ज पर नहीं हैं। विशेषज्ञों की कमी का आलम यह है कि बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, ईएनटी और चर्म रोग विशेषज्ञ के पद कई माह से खाली हैं और अब तक इन पर तैनाती नहीं हो पाई है। दूसरी ओर सर्दी की शुरुआत में बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उनके उपचार तक की सुविधा नहीं है। मजबूरीवश माता-पिता को अपने बच्चों का उपचार निजी अस्पताल में जाकर कराना पड़ रहा है। विभाग और सरकार को जल्द से जल्द दादरी जिले में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी दूर कर मरीजों को राहत देनी चाहिए। तीन विशेषज्ञों की कमी से प्रतिदिन 300 मरीज प्रभावित ईएनटी, बालरोग और चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी से प्रतिदिन करीब 300 मरीज प्रभावित होते हैं। इन मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों की खाक छाननी पड़ती है। वहीं, विशेषज्ञ न होने से नागरिक अस्पताल प्रबंधन के पास मरीजों को रेफर करना ही एकमात्र विकल्प है। एक साल से ज्यादा समय बीतने पर भी नहीं भर पाए पद बता दें कि बाल रोग विशेषज्ञ का प पिछले करीब एक साल से खाली पड़ा है। इसी प्रकार चर्म रोग विशेषज्ञ का पद छह माह से खाली है। ईएनटी का पद खाली हुए भी लंबा समय बीत चुका है और अब तक स्वास्थ्य विभाग तैनाती नहीं कर पाया है। हर माह 2000 से अधिक मरीज होते हैं रेफर दादरी नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों और सुविधाओं की कमी है और इसके चलते यहां से मरीजों को रेफर कर काम चलाया जा रहा है। एक माह की अगर बात करें तो औसतन 2,000 मरीज रेफर किए जाते हैं और इस लिहाज से एक साल में 24,000 से अधिक मरीज दूसरे जिलों के अस्पतालों में उपचार के लिए भेजे जाते हैं। ईएनटी, बाल रोग व चर्म रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल में नहीं हैं और इसके चलते मरीजों को रेफर किया जा रहा है। हमने मुख्यालय मांग भेजी हुई है और जल्द ही तीनों विशेषज्ञों की तैनाती होने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों को परेशानियों से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। डॉ. आशिष मान, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, जिला स्वास्थ्य विभाग