जिले के राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल और क्लेरिकल स्टाफ ने सोमवार को जिओ फेसिंग उपस्थिति का विरोध किया। इसके तहत सभी 85 चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर 2,000 मरीजों का उपचार किया। उन्होंने यह आदेश वापस लेने की मांग की और ऐसा न होने पर चार अगस्त को एक घंटे की हड़ताल करने का एलान करते हुए सीएमओ डॉ. जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। डॉ. राहुल अरोड़ा ने बताया कि सरकार केवल स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर इस तरह के गैर व्यावहारिक और असंवैधानिक निर्णयों को थोप रही है जोकि व्यक्ति की निजता और संविधान में वर्णित स्वतंत्रता के अधिकारों पर सीधा हमला है। विभाग में पूर्व में ही बायोमीट्रिक आधारित हाजिरी लगाई जा रही है तो फिर निजी संसाधनों में थर्ड पार्टी एप को इंस्टाॅल करवाना जायजा नहीं है।