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चरखी दादरी: 500 साल पुराना तालाब, हालात बने बेहद खराब

शाहिल शर्मा Updated Sun, 07 Sep 2025 08:05 PM IST

शहर के सटे गांव रावलधी स्थित 500 साल पुराना एतिहासिक तालाब रख-रखाव के अभाव में बदहाल पड़ा है। वहीं, गांव के बुजुर्ग सुखबीर सिंह, जिले सिंह व रणधीर सिंह का कहना है कि यह तालाब अपने सुंदरीकरण के लिए प्रसिद्ध था, जो आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले रावलधी के अलावा गांव कमोद, मिर्च, घिकाड़ा ,खातीवास व झिंझर के पशुपालक तालाब पर पशुओं को पानी पिलाने आते थे जबकि महिलाएं यहां तैराकी करती थीं। ग्रामीणों से जिला प्रशासन से एतिहासिक तालाब की सुध लेने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले 8 सालों से तालाब की दशा ज्यादा बिगड़ गई है। अब हालात ऐसे बने है कि तालाब में दूषित पानी पहुंच रहा है। रावलधी के ग्रामीणों ने बताया कि कभी लोग तालाब के पानी से खिचड़ी पकाकर खाते थे जबकि यहां तैराकी स्पर्धाएं भी आयोजित की जाती थी। इसके चलते परिवार का हर सदस्य तैराकी में निपुण होता था, लेकिन अब तालाब की बिगड़ी सूरत के कारण तैराकी तो दूर की बात है, पशुपालकों ने पशुओं को पानी पिलाना भी छोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की समय रहते छटाई नहीं होने से लगातार गंदगी बढ़ती रही। अब तालाब की छंटाई करवाने के साथ मरम्मत कराने की जरूरत है।

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