अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शनिवार को दादरी के लघु सचिवालय परिसर में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक चलने वाले मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत धरने की प्रथम दिन की शुरुआत हुई। धरने की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील ने की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चरखी दादरी जिले में मनरेगा पूरी तरह से ठप होती जा रही है। सैंकड़ों गांवों में मजदूरों को महीनों से काम नहीं मिला, जबकि जिन मजदूरों ने काम किया है उनकी मजदूरी का भुगतान कई-कई महीनों से लंबित है। बड़ी संख्या में जॉब कार्ड धारक बेरोजगार घूमने को मजबूर हैं। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने ना केवल जानबूझकर मनरेगा का नाम बदला है बल्कि इसका बजट घटाकर और भुगतान रोक कर गरीब, पिछड़े व ग्रामीण मजदूरों को भूखमरी व पलायन की ओर धकेल दिया है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन भाजपा सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के कारण गरीबी और बेरोजगारी निरंतर बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने पंचायतों के अधिकार भी सीमित कर दिए हैं। धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व सीपीएस रणसिंह मान, पूर्व विधायक सोमवीर सिंह श्योराण , पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान, राजू मान, डॉ ओमप्रकाश आदि भी मौजूद रहे।