करनाल वालों सावधान… अगर रात के समय आपके साथ कोई वारदात हो जाए, सड़क पर कोई दुर्घटना घट जाए या किसी तरह की मदद की ज़रूरत पड़ जाए, तो भरोसा मत कीजिए कि पुलिस आपको तुरंत मिलेगी। क्योंकि शनिवार की रात अमर उजाला की पड़ताल में जो सामने आया, उसने शहर की रात्री सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के प्रमुख चौराहे, जहां रात के समय पुलिस गश्त और सख्त चौकसी की उम्मीद की जाती है, वहां सन्नाटा पसरा मिला। न कोई पेट्रोलिंग, न चेकिंग और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम नजर आया। हैरानी की बात यह रही कि जिन स्थानों को शहर की सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है, वही पूरी तरह लावारिस हालत में दिखे। वहीं दूसरी ओर, रामनगर थाना जहां से पूरे क्षेत्र की निगरानी और रात्रि गश्त का संचालन होना चाहिए वहां का नजारा बिल्कुल अलग था। अमर उजाला की टीम के पहुंचने पर थाने के भीतर शराब से भरे और खाली गिलास मिले, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि जब शहर की सड़कों पर पुलिस नदारद थी, तब थाना परिसर में क्या गतिविधियां चल रही थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इसी दौरान शहर में कोई गंभीर वारदात हो जाती, तो पीड़ित आखिर मदद के लिए कहां जाता? बंद चौकियां, खाली चौराहे और अंदर से बंद थाने यह तस्वीर जिले की रात्री सुरक्षा व्यवस्था की असल हकीकत बयां करती है।