जिले का सीतामाई गांव उन विरले स्थलों में शामिल है, जहां आस्था केवल कहानी नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जीवित विश्वास के रूप में सांस लेती है। यह वही स्थान माना जाता है, जहां माता सीता ने अपनी पवित्रता सिद्ध करते हुए धरती माता को पुकारा और फिर साक्षात पृथ्वी की गोद में समा गईं। गांव में प्रवेश करते ही एक अलग तरह की शांति और श्रद्धा का एहसास होता है। दूर से दिखाई देता मंदिर का ध्वज मानो आने वाले हर व्यक्ति को उस पौराणिक क्षण की याद दिलाता है जिसने इस स्थान को साधारण से असाधारण बना दिया। यहां स्थित सीता माई मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विश्वास, त्याग और नारी सम्मान का प्रतीक है।