साइबर सिटी में बृहस्पतिवार रात को गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा ने अब तक का सबसे बड़ा एनकाउंटर किया है। बीते 5-6 साल के दौरान गुरुग्राम के बड़े कारोबारियों से विदेश में बैठे गैंगस्टरों की ओर से रंगदारी की कॉल, हत्या के चले खेल के बाद पुलिस आयुक्त शिबास कबिराज के कार्यकाल में ये अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। बेशक इस बड़ी कार्रवाई से विदेश में बैठे गैंगस्टरों और उनके शूटरों के मन में अब वारदात करने पहले से खौफ पैदा होगा। लेकिन इस एनकाउंटर के पीछे कई पहेलियां अनसुलझी हैं। एनकाउंटर को लेकर सबसे बड़ा सवाल ये है कि मौके पर क्राइम ब्रांच की टीमें पहले पहुंची या फिर बदमाश पहले पहुंचे। वारदात के दौरान का एक वीडियो सामने आया है। ये वीडियो इसी गली में एक मकान की ऊपरी मंजिल पर खड़े लोगों ने बनाया है। इसमें क्राइम ब्रांच के अलग-अलग पुलिसकर्मी हाथ में एके-56 जैसे हथियार लेकर आराम से खड़े व पैदल चलकर जाते दिख रहे हैं। इनके हाव-भाव से ऐसा कतई नहीं लग रहा कि पुलिस ने यहां पहुंचते ही देखा हो कि शूटर गोलियां चला रहे हैं और फिर टीमें तुरंत हरकत में आई। मकान नंबर ए-208 की पूरी लेन में कई हाई-प्रोफाइल लोग रहते हैं। इस लेन में सबसे पहले मकान के बाहर तो शुक्रवार सुबह भी लगभग 15 बाउंसर खड़े दिखे। इस मकान के दोनों साइड गली बंद करने के लिए गेट भी लगे हैं ताकि इन्हें बंद किया जा सके। बृहस्पतिवार रात भी इन दोनों गेट को बंद करा दिया गया था। यहां अधिकतर घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हैरत की बात ये है कि देर रात ही इनमें से कई घरों के सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर क्राइम ब्रांच की टीमें उतारकर अपने साथ ले गई। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो एनकाउंटर में रोहतक के बालोठ गांव के दो नाबालिग समेत तीन युवकों के मारे जाने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस के मन में बड़ा सवाल था। इसके चलते बालोठ गांव के सरपंच को पुलिस के कुछ अधिकारियों ने बुला लिया था। सरपंच कुलदीप मृतकों के परिवार के साथ ही गुरुग्राम आए थे। यहां सरपंच के साथ काफी देर तक कुछ पुलिस अधिकारियों ने बैठकर चर्चा की।