हिमाचल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण अंबाला में टांगरी, मारकंडा, बेगना और घग्गर नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को आई बाढ़ के बाद टांगरी की जद में आई दर्जनों कॉलोनियों और घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को सड़कों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा। शनिवार को धूप खिलने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। रामपुर सरसेहड़ी पुल के पास टांगरी नदी पर पानी के बहाव को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर अस्थाई बांध बनाने का कार्य किया जा रहा है। मिट्टी से भरी बोरियों की मदद से बांध को मजबूत किया जा रहा है ताकि पानी आबादी वाले क्षेत्रों में तबाही न मचाए। बताया जा रहा है कि कल नदी में करीब 25 हजार क्यूसेक पानी आने से भारी मात्रा में गाद (मलबा) जमा हो गई है। अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया को बाढ़ से बचाने के लिए बांध के एक हिस्से को ऊंचा कर दिया गया है। हालांकि, इस वजह से पानी का रुख मुड़ने के कारण महेश नगर, बोह और बब्याल क्षेत्र की कॉलोनियों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। यदि पहाड़ों या मैदानी इलाकों में फिर से भारी बारिश होती है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। फिलहाल प्रशासनिक टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।