धर्मनगरी स्थित पंजाबी धर्मशाला 13 से 22 जनवरी तक सियासी पाठशाला बनी रही, जहां कांग्रेस ने अपने हरियाणा व उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को खास सियासी पाठ पढ़ाया। 42 क्लासें लगाकर राहुल गांधी से लेकर पार्टी के केंद्रीय स्तर के नेताओं व विषय विशेषज्ञों ने प्राथमिक स्कूल के बच्चों की तरह एक-एक कर गूढ़ गुर दिए। कार्यशाला में देश व प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों के अलावा पार्टी के संगठन को मजबूत करने व अनुशासित होने पर खास फोकस रहा। अनुशासन का आइना भी इस पाठशाला में मौके पर ही दिखाया जाता रहा। पूरी पाठशाला के दौरान 60 में से 20 जिलाध्यक्षों ने अनुशासन तोड़ा। किसी के मोबाइल की घंटी बजी तो कोई औपचारिकता में दिखा लेकिन इसका दंड भी पुशअप के साथ भुगतना पड़ा। खास टिप्स देने आए विशेषज्ञों द्वारा एक बार मोबाइल घंटी बजते ही पांच से ज्यादा पुशअप कराए जाने का दंड तय किया गया। हालांकि पहले दो से तीन दिन ही कुछ अनुशानहीता दिखी लेकिन सख्ती व पाठशाला के बने माहौल में बाद में सभी जिलाध्यक्ष ढल गए। अब वैचारिक रूप से ही नहीं बल्कि राजनीतिक व सामाजिक तौर पर भी नए बदलाव के साथ ये जिलाध्यक्ष धरातल पर दिखाई देंगे। इसी संकल्प के साथ वीरवार को कार्यशाला संपन्न होने पर प्रमाण पत्रों के साथ ये अपने-अपने गृह क्षेत्र के लिए रवाना हुए।