गांव तिगड़ाना की 20 हजार से अधिक की ग्रामीण आबादी के लिए 1971 में बना जलघर टैंक समय के साथ बदहाल हो चुका है, जिससे ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। गांव की आबादी के लिए नया जलघर भी बना है, मगर उसकी कुछ चुनिंदा बूस्टरों तक ही आपूर्ति मिल रही है। निगाना फीडर से जलघर टैंकों को पानी की आपूर्ति दी जा रही है, मगर ये आपूर्ति सप्ताह भर की बजाए मात्र चार दिन यानी दो दिन एक जलघर तो दो दिन दूसरा जलघर को मिल रही है। ऐसे में जलघर के टैंक पूरी तरह नहीं भर पाते हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि पांच दशक पुराने जलघर टैंकों में छह फीट से अधिक मिट्टी (गाद) जमा है, जिसकी वजह से भूमिगत जल यानी चवा भी ऊपर आ चुका है। इससे भी पानी का स्वाद बिगड़ चुका है। ग्रामीणों की मांग है कि निगाना फीडर की बजाए तिगड़ाना जलघरों तक भूमिगत नई पाइप लाइन डालकर नहरी पानी की आपूर्ति कराई जाए और पुराने टैंकों का जीर्णोंद्धार कराया जाए।