गांव तिगड़ाना की माटी ने देश पर मर मिटने वाले कई ऐसे लाल पैदा किए जिन्होंने अपने लहू से मातृभूमि की आन, बान और शान को बरकरार रखा। गांव तिगड़ाना में दो आईएएस अधिकारी, दो विधायक और छह से अधिक पुलिस अधिकारियों का नाम गांव के गौरव गाथा से जुड़ गए हैं, वहीं भारतीय सेना में मेजर जरनल से लेकर वीर चक्र और सौर्य चक्र का सर्वाेच्च सैनिक सम्मान पाने वाले वीरों के गौरवशाली इतिहास ने भी ग्रामीणों का सीना चौड़ा कर दिया। वर्तमान में भी गांव के 500 से अधिक वीर सैनिक देश की सीमाओं पर प्रहरी बनकर दुश्मनों के आगे सीना तान खड़े हैं। गांव तिगड़ाना और तिगड़ी का भी रोचक इतिहास है। पड़ोसी गांव घुसकानी और प्रेमनगर को बसाने में भी तिगड़ाना ने दस-दस हजार बीघा जमीन दान में दी थी।