पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग प्रदेश के पशुओं को मुंहखुर व गलघोटू जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्य कर रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए पशु चिकित्सक विजय सनसनवाल ने बताया कि प्रत्येक पशु चिकित्सालयों में टीकाकरण के लिए टीमें बनाई गई है। ये टीमें घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्य कर रही है। ये सभी टीमें पशु चिकित्सकों की देखरेख में टीकाकरण का कार्य कर रही है। पशु चिकित्सकों को टीमम का सुपरवाइजर बनाया गया है। उपनिदेशक व उपमंडलाधिकारी भी समय-समय पर टीकाकरण के कार्य व तापमान की जांच करते है। पंचकूला से संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी भी टीकाकरण की फील्ड में जांच कर रहे है। उन्होंने बताया कि इस वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेंटीग्रेड होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पशुपालक, पशु व टीकाकरण तीनों का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। इसके लिए पशु मालिक के मोबाईल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे पशुपालन विभाग की टीम को बताना होगा, ताकि टीकाकरण का कार्य ऑनलाईन हो सकें। उन्होंने बताया कि पशु के कान में 12 अंकों का जो टैग लगा है, उसी टैग पर पशु का रजिस्ट्रेशन होगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि एक भी पशु छूटे ना-सुरक्षा चक्र टूटे ना, के नारे को चरित्रार्थ करने के लिए अपना सहयोग करें तथा सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं।