प्रचंड गर्मी के तेवर देख लोगों को पसीने छूट रहे हैं वहीं पारा 45 डिग्री पहुंचने से गर्मी का सितम वन्यजीवों पर असर कर रहा है। इसी के चले लघु चिडियाघर प्रशासन ने बब्बर शेर, भालू और बाघ के बाड़े में कूलर का प्रबंध किया है। इसी तरह दुलर्भ प्रजाति के वन्य परिंदों के बाड़े में भी कूलर और पानी की व्यवस्था कराई गई है। जबकि जलचर जीवों के बाड़े में भी पानी का समुचित प्रबंध किया गया है। लघु चिडियाघर में बब्बर शेर के बाड़ा में गीता और सिंभा के लिए दो कूलर लगाए गए हैं। जबकि उनके दो शावक भी अब वयस्क हो चुके हैं। अधिकांश समय बब्बर शेर का कुनबा कूलर के आगे ही ठंडक पाने के लिए अंदर रहता है, कभी कभार ही खुले बाड़े में बब्बर शेर के दर्शकों को दर्शन हो पाते हैं। यही हाल हिमालियन भालू के बाड़े का है। जहां नर भालू डुक्कू और मादा भालू प्रीतो के बाड़े में भी कूलर लगा है। अधिकांश समय भालू का जोड़ा भी अंदर ही खुद को गर्मी से निजात पाने के लिए अपने पांव फैलाकर मस्ती में पड़ा रहता है। बाघ के बाड़े में भी कूलर लगाया गया है। लघु चिडियाघर प्रशासन का कहना है कि गर्मी को देखते हुए परिंदों के बाड़ों को ऊपर से ढका गया है जबकि कूलर भी लगाए गए हैं।