भिवानी से सांसद रहे चौधरी जंगबीर सिंह का लंबी बीमारी के चलते 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार पैत्रिक गांव खरकड़ी मालवान में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में राधा स्वामी संत कंवर महाराज, कुलदीप बिश्नोई, दिग्विजय चौटाला, विधायक सुनील सांगवान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। चौधरी जंगबीर सिंह का जन्म तोशाम हलके के खरकड़ी (माखवान) गांव में एक मार्च 1941 को हुआ था। उन्होंने एमए व एलएलबी तक पढ़ाई की और फौज में भर्ती हुए। उन्होंने 1962 व 1965 की चीन व पाक से लड़ाई में दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे। इसके बाद वो राजनीति में आए और आपातकाल के दौरान 1975 से 77 तक 19 महीने हिसार जेल में रहे। उन्होंने तोशाम से पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा। मात्रा 1259 मतों से हारे। इसके बाद वो बंसीलाल के साथ आए और 1991 में बंसीलाल की पार्टी हविपा से भिवानी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद चुने गए। इस दौरान भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जंगबीर सिंह से मेरे और मेरे पिता चौधरी भजनलाल का दशकों से रिश्ता रहा है। मैं आगे भी तन मन धन से उनके परिवार के साथ खड़ा रहूंगा। चरखी दादरी से भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि जंगबीर सिंह के परिवार से मेरे व मेरे पिता सतपाल सांगवान के घनिष्ठ संबंध रहे है। जंगबीर सिंह बहादुर सैनिक, समाजसेवी व लड़ाका नेता रहे हैं। जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि चौ. जंगबीर सिंह वार हीरो व हरियाणा की शान थे। देश को राजनीतिक आजादी दिलाने को मेरे परदादा देवीलाल के साथ 19 महीने आपातकाल के दौरान जेल में रहे। उन्होंने कहा कि चौ. जंगबीर सिंह को हरियाणा हमेशा याद रखेगा और युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी।