सिवानी मंडी उपमंडल से 16 किलोमीटर दूर स्थित गांव ढाणी बल्हारा करीब 300 वर्षों के इतिहास, मजबूत सामाजिक एकता और अनुशासित जीवनशैली से क्षेत्र में अलग पहचान रखता है। लगभग 800 की आबादी वाले इस गांव में प्राथमिक पाठशाला भी संचालित है। यह गांव देशभक्ति की भावना के लिए भी जाना जाता है। इस गांव से स्वतंत्रता सेनानी चुन्नीलाल, रतिराम कैप्टन, जाट रेजीमेंट, उनके पुत्र रामपाल सेवानिवृत्त कैप्टन, एयरफोर्स जैसे वीर सपूत भी शामिल हैं जिन्होंने उच्च पदों पर रहकर भारतीय सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भाईचारे, नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता और देशसेवा की भावना के कारण यह गांव क्षेत्र में एक आदर्श गांव के रूप में जाना जाता है।जाट बहुल गांव में लोकतांत्रिक परंपरा भी बेहद मजबूत रही है। गांव में अब तक 11 बार सरपंच का चुनाव हुआ है जिनमें से सात बार सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं। नानकराम, रणजीत सिंह, दीवान सिंह, गोवर्धन सिंह, जुगलाल सिंह, उम्मेद सिंह और वर्तमान सरपंच सुदेश नवीन बल्हारा को ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी है। एमए शिक्षित सुदेश नवीन बल्हारा वर्तमान में गांव की सरपंच हैं और इस बार भी पंचायत सर्वसम्मति से चुनी गई है। गांव की खासियत है कि यहां आज तक न तो कोई बड़ा पुलिस केस दर्ज हुआ है और न ही तलाक का कोई मामला सामने आया है। गांव पूर्ण रूप से नशामुक्त है। यहां शराब का कोई ठेका भी नहीं है। गांव के अधिकांश लोग कृषि कार्य से जुड़े हैं।