लोहारू क्षेत्र के फरटिया भीमा की अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा दीक्षा आत्महत्या मामला फिर से गर्माने लगा है। हालांकि इस मामले में कोर्ट ने भी सख्त रुख अख्तियार कर पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी, मगर अब पीड़ित परिवार इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच कराने की मांग उठा रहा है। सोमवार को पीड़ित परिवार व जनसंगठनों के सदस्यों ने पूर्व कृषिमंत्री जेपी दलाल से उसके आवास पर मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। लोहारू के फरटिया भीमा की छात्रा दीक्षा ने दिसंबर 2024 में घर के अंदर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। तब आरोप लगे थे कि छात्रा कॉलेज की फीस नहीं दे पाई और इसलिए कॉलेज ने पेपर नहीं देने का दबाव बनाया। जिससे प्रताड़ित होकर दीक्षा ने सुसाइड किया था। कॉलेज लोहारू हलके से कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया बताया जा रहा है। पहले कॉलेज व विधायक की तरफ से कहा गया था कि फीस का कोई दबाव नहीं था और दीक्षा ने सभी पेपर भी दिए थे। दीक्षा आत्महत्या मामले में की जांच के बाद एसआईटी ने विधायक के साले हनुमान व उनके बेटे राहुल को गिरफ्तार किया था। पर तथ्यों के अभाव का हवाला देकर वो जमानत पर छूट गए थे। जिसके बाद पीड़ित परिवार राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। जिसके आदेश के बाद दोबारा नए अधिकारी से जांच हुई तो अब पेपर की हैंडराइटिंग का मिलान नहीं हुआ। जिसके दीक्षा आत्महत्या मामले में नया मोड़ आया तो कॉलेज की दलीलें भी गलत साबित हो गई थी। अब इस पूरे मामले में पूर्व कृषिमंत्री जेपी दलाल ने कहा कि कॉलेज की फीस ना दे पाने की वजह से प्रताड़ित हुई दीक्षा ने सुसाइड किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक राजबीर फरटिया ने केस को दबवा दिया, लेकिन राष्ट्रीय एससी आयोग के आदेश के बाद जांच में हैंडराइटिंग का मिलान नहीं हुआ। जेपी दलाल ने कहा कि विधायक खुद कॉलेज का प्रधान है, उसके साले व साले के बेटे के साथ विधायक पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं हलके में होने वाले हर बड़े मामले में खुद का नाम आने पर जेपी दलाल ने कहा कि सभी लोग जानते हैं, बिना तथ्यों के मेरा नाम लेना एक राजनीतिक षड्यंत्र है। मेरे पास जो न्याय की उम्मीद लेकर आएगा, मैं उनकी मदद ज़रूर करूंगा। वहीं मृतका दीक्षा के पीड़ित पिता जगदीश ने कहा कि लोहारू से कांग्रेस विधायक मेरी नजर में अपराधी हैं। मैं कई नेताओं से मिला, अब मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक धन बल से केस को दबाना चाहता है। पुलिस व एसआईटी विधायक के दबाव में आकर न्याय नहीं कर रही। इसलिए अब मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे।