गांव दिनोद की जाट धर्मशाला में मंगलवार को चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के मौजिज लोगों व खिलाडियों ने गांव में खेल सुविधा और पानी व बिजली की मांग उठाई। गांव में राष्ट्रमंडल खेलों में पदक विजेता परमजीत समोता के नाम से बने खेल स्टेडियम में अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा कराने और बापोड़ा जलघर से पर्याप्त पानी की आपूर्ति की मांग उठाई। इसी तरह सागवान बिजली घर से हो रही दिनोद की आपूर्ति भी पर्याप्त नहीं मिल रही है। बेटियों के लिए बारहवीं तक स्कूल और परीक्षा केंद्र तक नहीं हैं, ऐसे में उन्हें दूसरे गांव में परीक्षा देने जाना पड़ता है। गांव का पशु अस्पताल बदहाल है। पशु अस्पताल फिलहाल चौपाल में चल रहा है। गांव बापोड़ा के तीनों सेनाओं में सर्विस रिकॉर्ड बना चुके अंतर राष्ट्रीय पूर्व भारतीय एथलीट कोच राजेश, पूर्व पंच प्यारेलाल, पूर्व पंच राजा, महीपाल, भागवीर ने बताया कि गांव शहर से मात्र 10 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन जनसुविधाओं का फायदा इससे कहीं अधिक बना हुआ है। गांव ने स्वतंत्रता सेनानी, सैनिक, अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशासनिक अधिकारी भी दिए हैं, मगर यहां सुविधाओं के मामले में गांव आज भी काफी पिछड़ा है। गर्मी के मौसम में पीने के पानी का संकट है तो बिजली भी चंद घंटे ही आती है। सरकार से गुजारिश है कि गांव दिनोद में खुद का जलघर निर्माण कराया जाए और 33 केवी का पावर सब स्टेशन बने तब गांव की आबादी के लिए पानी और बिजली का संकट दूर होगा। इसी तरह गांव के खेल स्टेडियम में खेल अभ्यास करने वाले अंतर राष्ट्रीय एथलीट खिलाड़ी सुमित ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए जिम की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि खेल का एथलीट रेस ट्रैक बदहाल पड़ा है। वहीं एथलीट की महिला खिलाड़ी पलक ने बताया कि खिलाड़ियों का गांव होने के बावजूद भी यहां खेल सुविधाएं नहीं हैं। अगर सरकार की तरफ से खेल स्टेडियम का जीर्णोंद्धार और जिम की स्थापना हो जाए तो यहां के खिलाड़ी भी अंतर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।