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भिवानी: हाईकोर्ट ने खारिज की बीमा कंपनी की याचिका, 20 जुलाई के बाद किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भिवानी। अखिल भारतीय किसान सभा ने रबी 2023-24 की सरसों फसल के बीमा क्लेम मामले में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को किसानों और किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया है। कोर्ट ने क्षेमा बीमा कंपनी द्वारा दायर याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे अब किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया क्लेम के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। किसान सभा का कहना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला किसान आंदोलन की सच्चाई पर मुहर है। इस संबंध में किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, जिला प्रधान रामफल देशवाल, उप प्रधान कामरेड ओमप्रकाश, सचिव जगरोशन और जिला कोषाध्यक्ष मास्टर उमराव सिंह ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। किसान नेताओं ने सरकार और बीमा कंपनियों को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। 85 करोड़ का क्लेम और कंपनियों की मनमानी किसान नेताओं ने बताया कि भिवानी जिले के किसानों का साल 2023-24 की सरसों, चना और गेहूं की फसलों का कुल 85 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम बनता था। इसमें से क्षेमा बीमा कंपनी ने केवल 25 करोड़ रुपये (चना व गेहूं का क्लेम) जारी किए और बाकी राशि रोक दी। यह बकाया पिछले ढाई साल से लटका हुआ था। सरकार के आदेशों के बावजूद बीमा कंपनी ने राशि जारी नहीं की और इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। किसान सभा ने लोहारू आंदोलन और राज्य शिकायत निवारण समिति की बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

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