एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) चंडीगढ़ व अंबाला की संयुक्त टीम ने शहर के महावीर पार्क और नौरंगराय तालाब में किए गए विकास कार्यों की जांच की। यह जांच शहर विधायक निर्मल सिंह की शिकायत पर की गई है। जैसे-जैसे विजिलेंस की जांच आगे बढ़ी तो टीम भी अभी तक पिछले दस वर्षों में किए गए निर्माण कार्यों को देखकर दंग रह गई। प्रोजेक्ट को शुरू करने से लेकर अभी तक किए गए कार्यों की जांच टीम ने की और टेस्ट के लिए निर्माण सामाग्री के सैंपल भी लिए। यह कार्रवाई लगातार चार घंटे तक चलती रही। इस टीम में एसीबी से तकनीकी कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा व उनकी टीम शामिल रही। जांच टीम ने नगर निगम अधिकारियों और इन प्रोजेक्ट पर कार्य करनी वाली एजेंसी से भी सवाल पूछे। प्लानिंग स्तर पर ही गड़बड़ी हुई, प्रथम दृष्टया में ऐसा नजर आ रहा : शर्मा एसीबी से जांच अधिकारी तकनीकी कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो को दो शिकायत मिली थी। जिसमें काफी धांधली का आरोप लगाया गया था। यह भी बताया गया था कि यहां कार्य लगातार दस वर्ष से चल रहे हैं। उन शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उनकी टीम यहां पर पहुंची है। उन्होंने यहां काफी कुछ देखा और समझा है। दस्तावेज भी नगर निगम से ले लिए गए हैं। काफी कुछ कागजात पेडिंग भी हैं। उन दस्तावेज को भी निगम से मांगा गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में प्लानिंग स्तर पर कुछ न कुछ गड़बड़ी हुई, उनको ऐसा नजर आ रहा है। जैसे-जैसे विजिलेंस की कार्रवाई आगे बढ़ेगी तो मामला खुलेगा। उन्होंने बताया कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं है, अभी सभी दस्तावेज को जांचा जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण सामाग्री के टेस्ट भी एजेंसी से करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन प्रोजेक्ट में धांधली पाई जाती है तो वह सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगे और सरकार इस पर फैसला करेगी। विधायक निर्मल सिंह ने डीजीपी एसीबी को की थी शिकायत इस मामले में बीती 5 मई को शहर विधायक निर्मल सिंह ने एसीबी महानिदेशक को शिकायत देते हुए शहर में भगवान नौरंगराय तालाब और महावीर पार्क के दस वर्षों से चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने शिकायत में कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निष्पादन की स्थिति पर सवाल खड़े किए थे। साथ ही निर्माण कार्यों में घटिया सामाग्री का उपयोग, मापदंडों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग पर भी सवाल खड़े किए थे।