गोरखपुर के बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र की नवमी पर विशेष परंपरा का निर्वहन किया जाता है। मान्यता के अनुसार, श्रीनेत वंशीय क्षत्रिय अपने रक्त से मां दुर्गा का अभिषेक करते हैं। अष्टमी को हुए हवन की भभूत को नवमी पर चीरे वाली जगह पर लगाया जाता है। स्थानीय मान्यता है कि भभूत लगाने से घाव ठीक हो जाते हैं और संक्रमण नहीं होता। इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। हालांकि, घाव पर भभूत लगाने से संक्रमण न होने या घाव ठीक होने के दावे की चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है।