कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर चित्रगुप्त मंदिर सभागार में उनके द्वारा लिखी गई प्रसिद्ध कहानी 'बूढ़ी काकी' का मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले कलाकारों ने वेशभूषा और नाटक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मंचन से पूर्व वरिष्ठ रंगकर्मी और नाटक के निर्देशक रविंद्र रंगधर ने प्रेमचंद के जीवन, गोरखपुर से उनके संबंध और उनकी कालजयी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।