गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट (एमईएमई) नीति को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए आईपीयू ने अपनी 90वीं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में इसकी गाइंडलाइस को मंजूर कर लिया गया है। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की स्वीकृति की तिथि से यह दिशानिर्देश लागू हो गए हैं। मालूम हो कि मार्च के पहले सप्ताह में इन्हें स्वीकृति दी गई है। इस नीति के तहत छात्र अब अपनी पढ़ाई के दौरान किसी भी चरण पर पाठ्यक्रम छोड़ सकते हैं और अपनी प्रगति के अनुसार सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें यह सुविधा भी मिलेगी कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर दोबारा उसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। गाइडलाइंस के अनुसार मल्टीपल एग्जिट की सुविधा हर सम सेमेस्टर(दूसरे, चौथे, छठे) के अंत में उपलब्ध होगी। वहीं री-एंट्री(दोबारा प्रवेश) की अनुमति प्रोग्राम से एग्जिट करने के तीन वर्षों के भीतर दी जाएगी, हालांकि डिग्री पूरी करने में लगने वाला कुल समय शुरुआती दाखिले की तारीख से सात वर्ष से अधिक नहीं होगा।