भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने संयुक्त रूप से स्वदेशी हियरिंग स्क्रीनिंग डिवाइस को विकसित किया है। इस पोर्टेबल डिवाइस को कम सुनने की क्षमता के शुरुआती चरण पता लगाने के लिए तैयार किया गया है। इसे बाजार में उतारने को लेकर आईआईटी दिल्ली ने कवायद शुरू कर दी है। इस संबंध में आईआईटी दिल्ली की फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर(एफआईटीटी) ने डिवाइस तकनीक के लाइसेंसिंग और व्यावसायीकरण के लिए उद्योगों, स्टार्टअप और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किए हैं। इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक व्यक्ति की जांच लगभग दो मिनट में पूरी की जा सकती है। इसमें उन्नत नॉइज रिजेक्शन एल्गोरिद्म का उपयोग किया गया है। जिससे जांच के लिए साउंड प्रूफ कमरे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और सामान्य वातावरण में भी सटीक परिणाम मिलेगा।