दिल्ली में गहराते गैस संकट ने अब छोटे ढाबों और रेहड़ी-पटरी पर खाना बेचने वालों की रोजी-रोटी पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जहां पहले एलपीजी सिलेंडर की नीली लौ पर दाल-रोटी और सब्जी पकती थी, अब वहां लकड़ी और कोयले के चूल्हे जल रहे हैं। धुएं के बीच खाना बनाना मजबूरी बन गया है और बढ़ती लागत ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।