फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाली तीज पर दिल्ली में बिखरे रंग, सुर और संस्कृति के भाव

सावन की रिमझिम फुहारों के बीच, जब हरी-भरी प्रकृति मुस्कुराने लगी, जब हवाओं में मेंहदी और फूलों की खुशबू घुलने लगी, तब दिल्ली की धड़कनों ने हरियाली तीज के उल्लास में थिरकना शुरू कर दिया। यही नज़ारा था चाणक्यपुरी स्थित पीएसओआई क्लब का, जहाँ दिल्ली स्ट्डी ग्रुप ने हरियाली तीज महोत्सव के 16वें संस्करण का भव्य आयोजन किया। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह भारतीय संस्कृति की उस जीवंत झलक का उत्सव था, जो पीढ़ियों से दिलों को जोड़ती आ रही है। इस आयोजन की अगुवाई की दिल्ली स्ट्डी ग्रुप के अध्यक्ष, पूर्व विधायक और वैश्विक भारत ब्रांड एंबेस्डर डॉ. विजय जौली ने, जिनकी सोच के केंद्र में भारतीय संस्कृति की गहराई और सामाजिक समरसता है। जब रंग-बिरंगी साड़ियों, चूड़ियों और महकती मेंहदी से सजी महिलाएं पंजाबी गिद्दा, गुजराती डांडिया और हरियाणवी लोक नृत्य पर झूमीं, तो ऐसा लगा मानो सावन की आत्मा स्वयं पृथ्वी पर उतर आई हो। महोत्सव का शुभारंभ दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा ने किया। उन्होंने कहा, “हरियाली तीज सिर्फ एक पर्व नहीं, हमारी परंपरा, पारिवारिक मूल्यों और नारी सम्मान का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना सशक्त होती है।” वहीं डॉ. जौली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर मिले गौरव का उल्लेख करते हुए कहा, “यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रखने का प्रयास है।” कार्यक्रम की शाम तब और मधुर हो गई जब प्रसिद्ध गायक प्रेम भाटिया और उनकी टीम ने राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की भक्ति से ओत-प्रोत गीतों की प्रस्तुति दी। संगीत और भक्ति का यह संगम दर्शकों को भावविभोर कर गया। सावन की मिठास केवल गीतों तक सीमित नहीं रही—चाट-पकौड़ी, गोलगप्पे, पूरी-आलू, छोले-चावल और घेवर जैसे पारंपरिक व्यंजनों ने लोगों के स्वाद को भी पर्वमय कर दिया।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें