अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के डॉक्टरों ने एक बहुत ही कम उम्र के बच्चे का दुर्लभ फेफड़े का सफल ऑपरेशन किया है। मात्र चार महीने के एक बच्चे के दोनों फेफड़ों में जन्मजात समस्या थी, जिसका इलाज डॉक्टरों ने फेफड़ा बचाते हुए किया। यह देश के सबसे कम उम्र के मरीजों में से एक है। बच्चे को ऑपरेशन के सिर्फ दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस बच्चे को जन्म से पहले ही पता चल गया था कि उसके फेफड़ों में जन्मजात पल्मोनरी एयरवे मैलफॉर्मेशन (सीपीएएम) नाम की समस्या है। इसमें फेफड़े का कुछ हिस्सा असामान्य रूप से बन जाता है और गांठ जैसा हो जाता है, जो सांस लेने में मदद नहीं करता। आमतौर पर यह समस्या एक ही फेफड़े में होती है, लेकिन इस बच्चे के दोनों फेफड़ों में थी।