नकली दवाइयां बनाकर देशभर में बेचने वाले दोनों ही आरोपी आठवीं कक्षा फेल हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी गौरव भगत ने बताया कि उसने यू-ट्यूब से नकली बेटनोवेट-सी और क्लोप-जी दवाइयां बनाना सीखा। इसके बाद उसने आनंद पर्वत इलाके से मशीनें खरीदीं। बाद में उसने विशाल गुप्ता के साथ मिलकर अपने गांव में ही फैक्टरी लगा ली।