देश में प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालने वाली केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों संस्थाएं करीब 30 प्रतिशत कर्मचारियों की कमी के साथ काम कर रही हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। पर्यावरण कार्यकर्ता अमित गुप्ता की ओर से दायर आरटीआई के जवाब में सीपीसीबी ने बताया कि बोर्ड में कुल 669 स्वीकृत पद हैं। इनमें से केवल 473 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 189 पद खाली हैं। यानी बोर्ड में करीब 28 प्रतिशत पद रिक्त हैं। आरटीआई के अनुसार पिछले दो वर्षों में नई भर्तियां बहुत कम हुई हैं। वर्ष 2024 में एक भी नई नियुक्ति नहीं की गई, जबकि 2025 में केवल 24 लोगों की भर्ती हुई। हालांकि, जनवरी 2025 में निकाले गए भर्ती विज्ञापन के तहत कुछ पदों पर चयन प्रक्रिया अभी जारी है। दूसरी ओर, कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्ष 2024 में 18, वर्ष 2025 में 17 और वर्ष 2026 में मई तक 10 कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। इसी तरह, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाले सीएक्यूएम में भी 56 स्वीकृत पदों में से केवल 40 पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 16 पद खाली हैं।