राजधानी की हवा में पराली का धुआं घुल गया है। इस सीजन में पहली बार है कि दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी सामने आई है। उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाएं पराली के धुएं को दिल्ली की तरफ धकेल रही हैं। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक बृहस्पतिवार को उत्तर भारत में लगभग 307 पराली जलने की घटनाएं घटी। इसमें पंजाब में 33 घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, तरनतारन जिले में सबसे पराली जलने की 15 घटनाएं हुईं हैं। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 0.771 फीसदी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पराली के मामले इसी तरह बढ़ते रहे, तो अगले कुछ दिनों में हवा पर इसका गंभीर असर दिख सकता है।