आईएमटी सोहना में लगातार धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में एचएसआईआईडीसी के कार्यालय के सामने धरना दिया। नियमित धरना स्थल से एचएसआईआईडीसी के कार्यालय तक बड़ी संख्या में महिला, बच्चों व बुजुर्गों ने किसान नेताओं की अगुवाई में मार्च निकाला। धरने का नेतृत्व कर रहे हाफिज सिराजुद्दीन, मोहम्मद एसपी ने बताया कि सरकार उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है और वे लंबे समय से धरना दे रहे हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार ने आईएमटी रोजका मेव जो अब आईएमटी सोहना हो गया है के लिए जिले के नौ गांवों की 1600 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। यहां के किसानों ने मिले मुआवजे को कम बताते हुए अपना धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया और लंबे समय तक उनके प्रदर्शन के कारण कोई औद्योगिक इकाई यहां पर स्थापित नहीं हुई। जिसके बाद सरकार ने जापान की लिथीयम बैटरी निर्माता कंपनी के साथ मिलकर एटीएल नाम से एक औद्योगिक इकाई को यहां जमीन आवंटित की। लेकिन किसानों ने लंबे समय तक इस कंपनी के निर्माण कार्य को प्रभावित किए रखा। लंबे संघर्ष के बाद चार सितंबर को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कंपनी का उदघाटन किया। इस दौरान सरकार व प्रशासन ने कई बार किसानों के साथ बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला तो सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा मिल चुका है और वे बेवजह आंदोलन कर मेवात का माहौल खराब करने के साथ-साथ विकास को भी प्रभावित कर रहे है।