नूंह में राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि आज पूरे देश में एक पर्व का माहौल है, एक त्योहार जैसा वातावरण है। यह वही गीत है वंदे मातरम, जिसे हमारे अमर योद्धा, चिंतक और दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने अमर उपन्यास आनंद मठ में 150 वर्ष पहले लिखा था। आज उस प्रेरक गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में उत्सव मनाया जा रहा है। सामुदायिक केंद्र, नूंह में आयोजित इस स्मरण उत्सव में बोलते हुए सांसद जांगड़ा ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मंत्र है जिसने आज़ादी के आंदोलन में करोड़ों भारतीयों को जोश और प्रेरणा दी। इस गीत को गुनगुनाते हुए हजारों शहीदों ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए, जिससे आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।