फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : विटेंज गाड़ियां: कभी थी राजाओं का मान, अब बढ़ा रहीं शादियों की शान

शादी के हसीन पल को यादगार बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरह से पैसा खर्च करते हैं और माहौल को खास बनाते हैं। इसी क्रम में शादियों में बारात चढ़त और विदा के वक्त को यादगार बनाने के लिए विंटेज कार का इस्तेमाल भी लोगों की खासी पसंद बन रहा है। ग्रेटर नोएडा के जगत फार्म पर कुछ लोग खास तौर पर इसी काम को करते हैं। वह दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के जिलों में विंटेज गाड़ियों को उपलब्ध कराते हैं। इसकी कीमत 20 हजार रुपये प्रति शादी से शुरू हो जाती है। इसके बाद दूरी और गाड़ी के प्रकार के हिसाब से कीमत बढ़ती जाती है। मूल रूप से रबूपरा के रहने वाले और जगत फार्म पर विंटेज गाड़ियों का काम करने वाले साजिद खान कहते हैं कि उनके पास छह गाड़ियां हैं और शादी के सभी गाड़ियां बुक रहती हैं। इन गाड़ियों में कुछ गाड़ियां तो ऐसी भी हैं जो कभी राजस्थान में राजघरानों की शान रही हैं। इन गाड़ियों को उन्होंने बहुत ही कंडम स्थिति में खरीदा था। इसके बाद एक गाड़ी को उसके मूल रूप में वापस लाने में करीब छह महीने लगते हैं और लाखों रुपये इस काम में खर्च होते हैं। पुरानी तस्वीरों की भी इसमें मदद ली जाती है। कारों का गैरेज चलाने वाले पुराने कारीगर इस काम में बेहद मददगार साबित होते हैं। सबसे ज्यादा समस्या पार्ट मिलने में आती है। विटेंड गाड़ियों का ही काम करने वाले सिराजुद्दीन कहते हैं कि जब यह विंटेज गाड़ियां सज धज कर शादी में निकलती हैं तो बारातियों के साथ आसपास के अन्य लोगों की भी इन पर निगाह ठहर जाती है। इनमें बैठने वाले कहते हैं कि ऐसा लगता है कि गुजरे वक्त में चले गए हैं। इस गाडियों के साथ वर-वधु ही नहीं बल्कि शादी में शामिल बाराती और रिश्तेदार भी फोटो वीडियो शूट करवाते हैं। ग्रेटर नोएडा से शादियों में जाने वाली विंटेज गाड़ियों में सन 1955 की रोल्स रॉयस, फोर्ड और खुली छत वाली फिएट गाड़ियां हैं। इनका रखरखाव भी काफी महंगा होता है। साजिद कहते हैं कि शादियों के अलावा यह गाड़ियां मेहमानों के स्वागत और कुछ शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग आदि में भी इस्तेमाल हुई हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें