होली का त्योहार उमंग और उत्साह लेकर आता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का भी है। भंगेल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने कहा कि रासायनिक रंगों से दूर रहना बेहद जरूरी है। बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा या सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर गर्भस्थ शिशु को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि होली केवल हर्बल या फूलों से बने सूखे रंगों से ही खेलें और गीली होली से बचें, क्योंकि फिसलन के कारण चोट लगने का खतरा रहता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सीमित और सुरक्षित वातावरण में ही त्योहार मनाएं। साथ ही बाहर की मिठाइयों और भांग युक्त पेय पदार्थों से परहेज करें। फुल स्लीव कपड़े पहनें और त्वचा पर पहले तेल लगाकर सुरक्षा की परत बनाएं, ताकि रंगों का दुष्प्रभाव कम हो सके।