देश के महान मूर्तिकार राम वंजी सुतार का मध्य रात देर रात हो गया। राम सुतार ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को आकार दिया। उनके पुत्र मूर्तिकार अनिल राम सुतार ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी लंबी बीमारी के बाद रात करीब डेढ़ बजे नोएडा के सेक्टर-19 स्थित उनके निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 100 साल के थे। आज उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-94 में किया जाएगा। पुत्र अनिल राम सुतार ने बताया कि पिता राम सितार पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार ने नोएडा में अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बेटे अनिल सुतार, जो खुद एक कुशल शिल्पकार हैं, ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया है।राम सुतार ने महज एक मूर्तिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव को जीवंत करने वाले कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई। सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हो या महात्मा गांधी की ध्यानमग्न मुद्रा वाली प्रतिमाएं, उनके हाथों से निकली हर रचना देश की स्मृतियों में अमर हो गई।