नाक की नथ जितनी बड़ी होग, मायके का रुतबा और घराना उतना ही बड़ा माना जाता है। लड़की की शादी में नाक की नथ मामा की तरफ से आती है। गले का गोलाबंद ससुराल से जरूर आता है। वहीं, गले का चंद्रहार उत्तरकाशी का मुख्य आभूषण है। अब हिमाचली लोग भी खूब पहन रहे हैं। इन आभूषणों का पहनावा अब बढ़ने लगा है। उत्तराखंड महाकौथिग में इन आभूषणों की चमक खूब देखने को मिली। मूलरूप से पौड़ी-गढ़वाल निवासी मधु थपलियाल ने बताया कि वह वैशाली गाजियाबाद में रहती हैं और पिछले पांच साल से यहां आर्टफिशियल आभूषणों की स्टॉल लगा रही हैं। कुछ आभूषण वह खुद ही बनाती हैं। वहीं, देहरादून निवासी किशोर भारद्वाज महाकौथिग में गरम कपड़ों की दुकान लगाए थे। किशोर ने बताया कि यहां पर उत्तराखंडी डिजाइन के साथ हैंडमेड कपड़ों को लेकर आए हैं। इसमें गरम सूट और गरम कुर्ती की मांग अधिक देखने को मिल रही है। वहीं, आकांक्षा जुयाल ने बताया कि यहां पर लहंगा-चोली के साथ पहाड़ी ड्रेस लेकर आई थीं। यह ड्रेस सामान्य बाजारों में नहीं मिलती है। इसकी डिजाइन, कपड़ा और सिलाई बिल्कुल अलग होती है।