जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान 16 मार्च से चल रहा है, लेकिन किशोरियों की भागीदारी अभी भी कम है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह वैक्सीन 14 साल की लड़कियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) के कैंसर से सुरक्षा देती है। किशोरियों में इसे समय पर लगाने से भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। डॉ. मीरा पाठक ने बताया कि 14 साल की लड़कियों को दो या तीन डोज़ में यह वैक्सीन लगाई जाती है। इससे शरीर में इम्यूनिटी बनती है और एचपीवी वायरस से होने वाले संक्रमण से बचाव होता है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपनी बेटियों को समय पर वैक्सीन लगवाएं और किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट न दिखाएं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता बढ़ाने और नियमित वैक्सीनेशन से जिले में एचपीवी से संबंधित बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। किशोरियों की सुरक्षा और भविष्य की स्वास्थ्य संरक्षा के लिए इस अभियान में परिवारों की भागीदारी बेहद जरूरी है। आईए जानते हैं यह वैक्सीनेशन किशोरियों के लिए कितनी लाभदायक है।