बिना सर्जरी दिल का ब्लॉकेज कैसे हटाया जाता है, इस पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के होटल क्राउन प्लाजा में किया गया। इंटरनेशनल ईसीपी एसोसिएशन (आईईसीपीए) की ओर से किए गए इस आयोजन में दुनियाभर के एक्सपर्ट, रिसर्चर्स और डॉक्टर सहित 100 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह दिल से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में ईसीपी की भूमिका के बारे में चर्चा कर रहे हैं। पहले दिन कार्डियोवैस्कुलर परेशानी को ठीक करने में ईसीपी थेरेपी की भूमिका, एंटी एजिंग क्षमता और ओजोन थेरेपी सहित कोविड के बाद की कंडीशन में इस थेरेपी के फायदों, डायबिटीज और सांस की समस्याओं में इन उपचारों की भूमिका पर चर्चा हुई। आईईसीपीए के अध्यक्ष डॉ. एसएस सिबिया ने कहा कि ईसीपी का उपयोग मुख्य रूप से बुजुर्ग और कमजोर हार्ट के मरीजों के लिए किया जाता है, जिनकी एंजियोप्लास्टी, स्टेंट या बाईपास सर्जरी नहीं हो पाती है। साथ ही वह लोग जो लोग सर्जरी नहीं कराना चाहते हैं। ईसीपी के जरिए सर्कुलेशन बढ़ाकर हम न सिर्फ हार्ट की हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं बल्कि एंटी एजिंग और ओवरऑल सेहत में भी इसका लाभ मिलता है। आयोजन चेयरमैन डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने कहा आईईसीपीए कांफ्रेस ईसीपी के मल्टीपल रोल को उजागर करता है। इस थेरेपी की मदद से खून का फ्लो सुधर जाता है, एंजाइना कम हो जाता है और हार्ट की कंडीशन बेहतर हो जाती है। पुरानी समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए आशा की किरन ईसीपी दिल की पुरानी समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए आशा की किरण के रूप में उभरा है, जो मरीज इनवेसिव सर्जरी नहीं कराना चाहते, उनके लिए भी ये एक बेहतर विकल्प है। सर्जरी के बिना दिल की बीमारियों के मूल कारणों को ठीक करने की इस थेरेपी की क्षमता इसे दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए एक आशाजनक समाधान बनाती है।