दिवाली से पहले बाजार में आर्टिफिशियल फूलों की भरमार हो गई है और बाजार रंगीन दिखाई दे रहे हैं। असली फूल दो दिन में मुरझा जाते हैं लेकिन आर्टिफिशियल फूलों को धोकर सुखाया भी जा सकता है और यह फूल दिवाली पर घर की शोभा बढ़ाने में चार चांद लगा देते हैं। इन्हें दूर से देखने पर असली और नकली फूलों में पहचान करना मुश्किल हो रहा है। बाजार में इन फूलों की मांग तेज हो गई है। आर्टफिशियल फूलों से बने कई तरह के शोपीस भी बिक रहे हैं। बाजार में दुकानदारों ने बताया कि यह चाइनीज आर्टिफिशियल फूल हैं इन्हें कुछ लोग रेशमी फूल भी कहते हैं। इन्हें दिल्ली के सदर बाजार से खरीदकर लाया जा रहा है। सदर बाजार में यह आर्टिफिशियल फूल थोक के भाव बिकते हैं। खरीदने के बाद बाजार में दुकानदार इनके शोपीस और गुलदस्ते बनाकर बेचते हैं। ऐसे में इन्हें मुनाफा भी अच्छा होता है। सेक्टर 27 स्थित अट्टा बाजार में फूलों के व्यापारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि वह ये फूल दिल्ली सदर बाजार से खरीद कर लाते हैं और एक-एक पंखुड़ी जोड़कर फूलों की गुलदस्ते बनाते हैं। सबसे पहले गमले में पीओपी डालते हैं इसके बाद इसमें हरी पंखुड़ी के साथ फूल लगाते हैं। इन फूलों की कीमत 25 रुपये से 200 रुपये तक है। इसमें 25 रुपये का एक और 100 रुपये के चार छोटे-छोटे गुलदस्ते हैं। वहीं 150 और 200 रुपये का एक बड़ा गुलदस्ता मिल रहा है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल फूलों की मालाएं भी बहुत पसंद की जा रही है और आर्टिफिशियल लटकन भी पहली पसंद बने हुए हैं। इन्हें घर में लगाने के लिए बाजारों से लोग खरीद रहे हैं। अट्टा बाजार में लटकन बेचने वाले दुकानदार सतीश कुमार ने बताया कि वह दिल्ली के चांदनी चौक से खरीद कर यह लटकन लाते हैं और इसे घर के दरवाजे, भगवान के मंदिर या पूजा की अलमारी में सजाया जाता है। इसमें तोरण की स्टाइल में बना हुआ आर्टिफिशियल लटकन भी होता है। इन फूलों की बढ़ी मांग सेक्टर 27 डीएम आवास के पास बनी फूल बाजार के दुकानदार ने बताया कि आर्टिफिशिय फूलों में गुलाब, रजनीगंधा, गुड़हल, हिना, मालती, मोगरा, कमल, कुमुद, गेंदा, चम्पा, चमेली, सूरजमुखी, कनेर, सदाबहार, ब्रम्ह कमल, रात रानी की मांग बढ़ गई है। आर्टिफिशियल फूलों से बने फोटो फ्रेम - 150 से 2000 रुपये आर्टिफिशियल फूलों का गुलदस्ता - 25 रुपये से 500 रुपये तक आर्टिफिशियल फूलों की मालाएं - 50 से 150 रुपये की एक लटकन - 100 और 200 रुपये जोड़ा