ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में दवा उद्योग का महाकुंभ सीपीएचआई और पी-मेक इंडिया का आयोजन चल रहा है। 26 नवंबर से शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन में नैनो टेक्नॉलोनी युक्त दवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की तकनीक पर विचार किया जा रहा है। दवाओं के साथ-साथ यहां दवाओं को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और मशीनरी का भी प्रदर्शन किया गया है। भारत के अलावा यहां चाइना सहित अन्य देशों की कंपनियों ने भी अपने स्टाल लगाए हैं। आयोजन में भारतीय फार्मा उद्योग की मजबूत क्षमता का प्रदर्शन किया गया। जानकारों के मुताबिक 2030 तक भारतीय फार्मा बाजार के 130 बिलियन अमरीकी डॉलर और 2047 तक 450 बिलियन अमरीकी डॉलर तक बढ़ने के अनुमान के साथ, यह आयोजन ने वैश्विक स्वास्थ्य को आकार देने में उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करेगा। इस आयोजन में अमेरिका, यूएई, दक्षिण कोरिया, जापान और यूनाइटेड किंगडम सहित 120 से अधिक देशों के 2 हजार से अधिक प्रदर्शक और 50 हजार से अधिक आगंतुक एक साथ आए हैं। भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग एक वैश्विक नेता के रूप में खड़ा है, जो 200 से अधिक देशों में निर्यात करता है।