उत्तर प्रदेश रोडवेज की ज्यादातर बसें कोहरे में संचालन को लेकर तैयार नहीं हैं। किसी बस का वाइपर टूटा हुआ है तो किसी बस में रिफलेक्टर नहीं लगे हैं। जबकि ज्यादातर बसों में ऑल वेदर बल्ब भी नहीं हैं। ऐसे में कोहरे के समय बसों में सफर करना सुरक्षित नहीं होगा। हादसा होने का खतरा अधिक होगा। यूपी रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरत रहा हैं। बस चालक भी सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से परेशान हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने परी चौक पर रोडवेज बसों में कोहरे को लेकर इंतजाम की पड़ताल की। पड़ताल के दौरान परी चौक से 100 से अधिक बसों को देखा गया। जो आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बंदायू, हाथरस, कौशांबी, इटावा, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर और लखनऊ समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों के डिपो की बसें प्रदेश के कई विभिन्न रूटों पर जाती हैं। बसों में कोहरे से बचने के लिए लगभग 90 फीसदी बसों में कोई भी उचित व्यवस्था नहीं मिली। केवल 10 प्रतिशत बसों में कोहरे से निपटने के इंतजाम मिले। 90 फीसदी बसों में कोहरे से बचने के लिए न ही ऑल वेदर बल्ब लगा हुआ था। न ही वाइपर चालू हालत में पाए गए। इसके अलावा ब्रेक बैक लाइट और रिफलेक्टर टेप भी नहीं मिले। सर्दी के मौसम में बसों की हालत परिवहन विभाग की लापरवाही को दर्शा रहा है। परिवहन विभाग यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करता हुआ दिखाई दे रहा है। चालकों की मांग पर भी लापरवाही बरत रहा विभाग बस चालकों से बात करने पर उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सर्दी के मौसम शुरू होने से पहले ही अपने डिपो में जिम्मेदार अधिकारियों से बसों में ऑल वेदर बल्ब लगवाने और वाइपर को सही कराने के कहना शुरू कर देते हैं। लेकिन विभाग से सिर्फ अश्वासन मिलता है। जिस कारण रात के समय और घने कोहरे में बस चलाते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार हादसे भी हो जाते हैं।