ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कोर्ट परिसर में दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन का चुनाव कराने की मांग को लेकर अध्यक्ष-सचिव सहित विभिन्न पदों के प्रत्याशी अधिवक्ताओं ने मंगलवार सुबह कोर्ट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 21 नवंबर को दोपहर 12 बजे बार सभागार में आमसभा की बैठक बुलाकर चुनाव संबंधी एल्डर्स कमेटी का गठन किया जाएगा और बार का वार्षिक चुनाव निर्धारित तिथि पर ही संपन्न कराया जाएगा। इससे पहले आज यानी बुधवार को भी धरना जारी रखने की बात कही। धरने के कारण वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनोज भाटी बोड़ाकी ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) का पत्र बार एसोसिएशन के चुनाव पर बाध्यकारी नहीं है। अधिवक्ताओं ने वर्ष-2015 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव रोकने या नियंत्रित करने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। बीसीआई के पत्र में यह उल्लेख है कि बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के चुनाव ओवरलैप हो रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि गौतमबुद्धनगर में बार काउंसिल का चुनाव 21 व 22 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। जबकि एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव 22-23 दिसंबर 2025 को संपन्न होना है। ऐसे में ओवरलैप का तर्क अप्रासंगिक हो जाता है।