अब आयुष विभाग एप के माध्यम से लोगों उसके शरीर की प्रकृति के हिसाब से आरोग्य के सूत्र बताएगा। आयुष विभाग ने इसके लिए एक एप बनाया है, जिसमें व्यक्ति के शरीर की सारी जानकारी लेकर, उनकी प्रकृति बताई जाएगी कि उनके वात, पित्त, कफ किस दोष की प्रधानता है। इसका संतुलन वे कैसे कर सकते हैं। हर मौसम इस एप के माध्यम से लोग यह जान सकेंगे, अभी उन्हें खान-पान में क्या शामिल करना है। किन चीजों से बचना है। किस तरह के योगासन सही होगे। आयुष एप माध्यम से एक सर्वे भी कर सर्वे भी कर रहा है। लोग स्वास्थ्य विभाग के नजदीक आयुष केंद्र, क्लीनिक,पीएचसी, सीएचसी , जिला अस्पताल में आयुष के डॉक्टर से अपनी प्रकृति हिसाब से जीवन शैली की सलाह ले सकते हैं। अपने रोगों के उपचार करा सकते हैं। गुरुग्राम के सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी भवन में आयोजित गीता महोत्सव में आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ गीतांजली अरोड़ा और डॉक्टर मोनिका ने आयुष विभाग के स्टॉल पर मौजूद थी। उन्होंने गीता महोत्सव में आने वाले लोगों और प्रकृति परीक्षण की जानकारी दी। गुरुग्राम के उपायुक्त अजय कुमार ने भी देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के लिए आयुष के एप की जानकारी लेने में दिलचस्पी दिखाई।