जिले के खेड़ा बास गांव का प्राइमरी स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण स्कूली बच्चों का जान का खतरा बना हुआ है। अध्यापक बच्चों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाने को मजबूर है। स्कूल में करीब 88 बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं जिनको पढ़ने में अध्यापकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अध्यापकों का कहना है की जर्जर भवन के निर्माण कार्य को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा गया लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने भी मांग करते हुए कहा है कि अगर जर्जर भवन का निर्माण हो जाए तो बच्चों के बैठने की सुविधा हो जाएगी।