वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने बताया कि आज सेक्टर-31 ग्रीन बेल्ट "स्वर्ण जयंती पार्क" में सीवर का गंदा पानी डालने से रोकने बारे तथा पार्क का विकास करवाने के लिए उपायुक्त गुरुग्राम को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में पार्क की बदहाल स्थिति, पर्यावरणीय क्षति और रखरखाव के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पार्क में लंबे समय से गंदा पानी जमा हो रहा है और सीवर का गंदा पानी डाला जा रहा है, जिसके कारण बड़े-बड़े पेड़ गिर रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। पार्क में गंदगी, सूखे पत्ते, और कचरा फैला हुआ है, और इसकी बाउंड्री वॉल कई जगहों से टूटी हुई है, जिससे आवारा पशु स्वतंत्र रूप से अंदर घूमते हैं। पार्क के एक कोने में अवैध झुग्गी-झोपड़ियां भी बन गई हैं, जहां खुले में शौच किया जाता है। बारिश के मौसम में पार्क और सर्विस रोड पर पानी भर जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों और आम जनता को भारी परेशानी होती है। गंदे पानी और कचरे के कारण मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है, जो निवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। यह ग्रीन बेल्ट हरियाणा के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर “स्वर्ण जयंती पार्क” के रूप में घोषित किया गया था। उस समय पार्क के चारों तरफ दीवारें बनी हुई थी, रेलिंग लगी थी और वॉकिंग ट्रैक बने हुए थे। हालांकि, प्रशासन की उपेक्षा के कारण पार्क की स्थिति दयनीय हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान और क़ानून पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं और पर्यावरण की रक्षा करने का कर्तव्य राज्य और उसके नागरिकों दोनों को सौंपते हैं। चौधरी संतोख सिंह ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि “स्वर्ण जयंती पार्क” को पुनः हरा-भरा और स्वच्छ बनाया जा सके, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके। उन्होंने मांग की है कि पार्क में गंदे सीवरेज पानी को डालने से तुरंत रोका जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्क में उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए ताकि गंदा पानी जमा न हो। पार्क और सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए। पार्क की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। पार्क में सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं। पार्क के रखरखाव और विकास के नाम पर हुई भ्रष्टाचार की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।