गुरुग्राम के कासन गांव के प्राचीन बाबा बिसाह भक्त पूर्णमल मंदिर में श्रद्धालु नमक और झाडू में चढ़ाते हैं। इस मेले की जड़े सदियों पुरानी बताई जाती हैं। यहां पर परंपरागत रूप से हर साल तीन दिन तक मेला लगता है। मेले की शुरुआत परंपरागत ध्वज चढ़ाने की रस्म से शुरू हुई। पहले दिन गांव और आसपास के श्रद्धालु घर-घर से ध्वज लेकर पैदल मंदिर पहुंचे और ध्वजारोहण के साथ विधिवत मेले का शुभारंभ किया। हर साल की तरह, इस साल भी अखाड़ों की रौनक भी बनी रही और परंपरा के अनुसार तीन दिनों तक कुश्ती में दूर-दूर से पहलवान शिरकत करते है। धार्मिक आस्था के साथ ही यहां की एक विशेष लोक परंपरा भी चर्चा में रहती है। कई श्रद्धालु नमक और झाडू मंदिर में चढ़ाते हैं। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि यह मेला पीढ़ियों से चला आ रह है। मंदिर परिसर में शिवालय और शनिदेव के मंदिर भी है।